'रात 8 बजे साइन की फाइल'... 100% इथेनॉल पर सरकार का बड़ा फैसला! E100 पेट्रोल को मंजूरी

E100 Fuel Approved

E100 Fuel Approved

E100 Fuel Approved: अब वो दिन दूर नहीं जब आपकी गाड़ियां महंगे पेट्रोल की जगह पूरी तरह से इथेनॉल पर चलेंगी. दरअसल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश में 100 फीसदी इथेनॉल यानी E100 फ्यूल के नियमों को ऑफिशियली तौर पर मंजूरी दे दी है. मिडिल ईस्ट टेंशन की वजह से तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के बीच ये खबर आम आदमी के लिए राहत भरी हो सकती है. सरकार के इस फैसले के बाद से ही मारुति सुजुकी, टोयोटा और एमजी ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी फ्लेक्स फ्यूल कारों को मार्केट में उतारने के लिए तैयारी में जुट गई हैं.

क्या है सरकार का E100 मास्टर प्लान

आसान भाषा में समझाएं तो अब तक गाड़ियों में जो पेट्रोल डलता है, उसमें सरकार अभी 20 फीसदी इथेनॉल मिलाती है. इसे E20 बोला जाता है. लेकिन केंद्रीय मंत्री ने जिस पॉलिसी पर साइन किए हैं, उसके जरिए अब देश में ऐसी गाड़ियां चलेंगी जो 93% से लेकर 100% तक इथेनॉल पर चलेंगी.

आम नागरिक के लिए इसका क्या मतलब?

अभी मिडिल ईस्ट में टेंशन का माहौल बना हुआ है. होर्मुज बंद है. नतीजन कच्चे तेल की सप्लाई बिल्कुल ठप पड़ चुकी है. भारत देश अपनी जरूरत का 90 फीसदी कच्चा तेल बाहर के देशों से ही खरीदता है. अब कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का असर देश में महंगाई के तौर पर देखा जा रहा है. पेट्रोल की कीमतें कई बार देश में बढ़ाई जा चुकी हैं. ऐसे में अगर इथेनॉल के जरिए देश की निर्भरता कच्चे तेल पर से कम होती है तो इसका असर आम नागरिक पर सीधा देखने को मिलेगा. अभी जहां देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 100 रुपये के पार मिल रहा है, E100 की अनुमानित कीमत 65 रुपये प्रति लीटर के आसपास हो सकती है.

कार कंपनियों ने अपनी तैयारी की तेज

सरकार के इस फैसले के बाद से ही देश की दिग्गज कार निर्माता मारुति सुजुकी अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार वैगनआर का 100 फीसदी इथेनॉल से चलने वाला मॉडल ला रही है. वहीं टोयोटा ने भी अपनी फेमस इनोवा हाईक्रॉस का फ्लेक्स फ्यूल प्रोटोटाइप पहले ही दिखा दिया था. केंद्रीय मंत्री गडकरी के अनुसार अगले एक से दो महीने के अंदर मारुति, टोयोटा, एमजी जैसी कंपनियां अपनी ऐसी कारें बाजार में लॉन्च कर देंगी जो पूरी तरह से इथेनॉल फ्रेंडली होंगी. अंगर टू व्हीलर्स की बात करें तो हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी स्प्लेंडर+ और एचएफ डीलक्स के फ्लेक्स फ्यूल वेरिएंट्स पर काम करना शुरू कर दिया है.

महंगाई में राहत के साथ किसानों की होगी मदद

इथेनॉल गन्ने के रस, शीरे, खराब अनाज और मक्के से तैयार किया जाता है. इसका सीधा मतलब ये है कि जो पैसा सरकार दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदने के लिए दूसरे देशों को देती है, वो पैसा अब सीधे देश के किसानों की जेब में जाएगा. हालांकि अभी E100 तक भारत को पहुंचने में थोड़ा समय लग सकता है. पर इतना तो साफ है कि आने वाले भविष्य में सरकार का ये प्लान कच्चे तेल पर से देश की निर्भरता को जरूर कम करेगा.